
श्रीमद्भगवद्गीता
कुरुक्षेत्र के धर्मक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा विषादग्रस्त अर्जुन को दिया गया आत्मज्ञान, निष्काम कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का सार्वभौमिक अमर उपदेश।
॥ बोलो सीताराम ॥
॥ शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ॥

पवित्र शास्त्र एवं ग्रंथालय
सनातन वाङ्मय के अमर ग्रंथ — गीता, रामायण, उपनिषद्, पुराण एवं स्तोत्रों का प्रामाणिक पाठ व सारस्वत चिंतन

कुरुक्षेत्र के धर्मक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा विषादग्रस्त अर्जुन को दिया गया आत्मज्ञान, निष्काम कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का सार्वभौमिक अमर उपदेश।

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन जीवन-चरित्र का सात सोपानों (काण्डों) में रचित भक्ति, मर्यादा और आदर्श जीवन का महान भारतीय महाकाव्य।

पवनपुत्र श्री हनुमान जी के अतुलित बल, बुद्धि, विद्या और प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य समर्पण की स्तुति करने वाली 40 दिव्य चौपाइयां।

ईशा वास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत् — इस संपूर्ण चराचर ब्रह्मांड में जो कुछ भी गतिमान है, वह सब ईश्वर से व्याप्त है। त्यागपूर्वक भोग करने का दिव्य उपदेश।

देवाधिदेव महादेव शिव के प्राकट्य, ज्योतिर्लिंगों की महिमा, सती-पार्वती चरित्र, रुद्राक्ष महिमा और पंचाक्षर मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप का महापुराण।

जाम्बवान के वचनों से जाग्रत होकर श्री हनुमान जी द्वारा समुद्र लांघने, लंका में माता सीता की खोज, विभीषण मिलन और लंका दहन की सर्वाधिक सिद्ध मंगलकारी गाथा।