रचयिता / संकलनकर्ता
गोस्वामी तुलसीदास जी
मूल भाषा
अवधी
कुल अध्याय / काण्ड
1
श्लोक / मंत्र संख्या
43 श्लोक
॥ ग्रंथ परिचय एवं संदर्भ ॥
सार एवं आध्यात्मिक पृष्ठभूमि
पवनपुत्र श्री हनुमान जी के अतुलित बल, बुद्धि, विद्या और प्रभु श्रीराम के प्रति अनन्य समर्पण की स्तुति करने वाली 40 दिव्य चौपाइयां।
आध्यात्मिक महत्व एवं महात्म्य
सर्व भय, संकट और व्याधियों का निवारण करने वाला सिद्ध स्तोत्र। 'भूत पिशाच निकट नहिं आवै, महाबीर जब नाम सुनावै।'
अनुक्रमणिका
कुल 1 अध्याय सूचीबद्धअध्याय एवं काण्ड सूची
1
दोहा एवं ४० चौपाइयां
(सम्पूर्ण हनुमान चालीसा)43 श्लोकपाठ पढ़ें
