परंपरा / संप्रदाय
वैष्णव परंपरा / हनुमान उपासक
ऐतिहासिक काल
लगभग 1900 ई. – 11 सितम्बर 1973 ई.
मुख्य आश्रम स्थल
कैंची धाम, नैनीताल, उत्तराखंड
आश्रम का नाम
श्री नीब करौरी बाबा कैंची आश्रम
॥ दिव्य जीवन दर्शन ॥
पावन जीवन चरित्र एवं साधना
सबको प्रेम करो, सबको भोजन कराओ, सत्य बोलो और निरंतर भगवन्नाम स्मरण करो। सेवा ही साधना का सर्वोच्च स्वरूप है।
बाबा नीब करौरी महाराज जी बीसवीं शताब्दी के महानतम सिद्ध संतों में परिगणित हैं। उनका प्रारंभिक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। युवावस्था में ही उन्होंने गृह त्यागकर कठोर तपस्या की। वे एक साधारण कंबल ओढ़ते थे और आडंबर से सर्वथा दूर रहते थे। उनके सान्निध्य में देश-विदेश के अनगिनत साधकों ने दिव्यता का साक्षात्कार किया।
अमृत वचन
प्रमुख उपदेश एवं अमृत वचन
“सबको प्रेम करो, सबको भोजन कराओ, ईश्वर का स्मरण करो और सदा सत्य बोलो।”
— नीब करौरी बाबा (महाराज जी) (अमृत वचन (महाराज जी))“संसार में सब ईश्वर की इच्छा से होता है; चिंता त्यागकर केवल हरि शरण लो।”
— नीब करौरी बाबा (महाराज जी) (सत्संग प्रसंग)सम्बद्ध रचनाएं एवं ग्रंथ
विनय पत्रिका टीका (प्रेरक)हनुमान चालीसा साधना विमर्श
साधना स्थल एवं आश्रम
श्री नीब करौरी बाबा कैंची आश्रम
स्थान: कैंची धाम, नैनीताल, उत्तराखंड
