गोस्वामी तुलसीदास जी ने कलिकाल के जीवों पर परम अनुग्रह करके संस्कृत के गूढ़ वाल्मीकि रामायण के तत्व को जनभाषा अवधी में प्रकट किया।
१. सात सोपान — सात आध्यात्मिक सीढ़ियां
बालकाण्ड से लेकर उत्तरकाण्ड तक के सात काण्ड वास्तव में जीव की चेतना के सात स्तर हैं, जो मोह से प्रारंभ होकर परम ज्ञान और भक्ति पर विश्राम पाते हैं।

