मार्कण्डेय पुराण के देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) में माँ भगवती के नौ स्वरूपों का वर्णन है। यह केवल बाह्य उत्सव नहीं, अपितु साधक की कुंडलिनी शक्ति के उत्थान का प्रतीक है।
॥ बोलो सीताराम ॥
॥ शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा ॥

॥ स्वाध्याय एवं चिंतन ॥
पंडित राघवेंद्र शर्मा • 30 अग॰ 2026 • 5 मिनट पाठ

शैलपुत्री से सिद्धिदात्री पर्यन्त — नवरात्रि के नौ दिन चेतना के नौ आयामों के जागरण और आत्म-शुद्धि का महापर्व हैं।
मार्कण्डेय पुराण के देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) में माँ भगवती के नौ स्वरूपों का वर्णन है। यह केवल बाह्य उत्सव नहीं, अपितु साधक की कुंडलिनी शक्ति के उत्थान का प्रतीक है।
॥ ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
सबका कल्याण हो, सभी निरोगी एवं आध्यात्मिक रूप से समृद्ध हों।